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कई बार गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं की योनि से डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है जिसे देखकर अकà¥â€à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ घबरा जाती हैं। अगर आपको वजाइनल डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ हो रही है तो इसे लेकर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिंता करने की जरूरत नहीं है।
9 महीने तक अपने होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ को अपने गरà¥à¤ में पालने का ये सफर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी बिलकà¥à¤² à¤à¥€ आसान नहीं होता। हर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के लिठये सफर खà¥à¤¶à¥€ और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ-साथ कनà¥à¤«à¥à¤¯à¥‚जन और डर à¤à¥€ लेकर आता है। शरीर में होने वाले कौन से बदलाव नॉरà¥à¤®à¤² हैं और किन बदलावों को लेकर आपको चिंतित होने की जरूरत है।
कब डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤, इस तरह की बातों को लेकर अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाà¤à¤‚ कनà¥à¤«à¥à¤¯à¥‚ज रहती हैं और à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• मामला है पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान होने वाले वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का। कई बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान इस डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का रंग बदल जाता है या फिर फà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी और थिकनेस में चेंज हो जाता है तो कौन सी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ नॉरà¥à¤®à¤² है किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, यहां जानें।
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का लेवल बढ़ने की वजह से होता है डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आमतौर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को वजाइना से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होता है जिसे लà¥à¤¯à¥‚कोरिया कहते हैं। यह सफेद रंग का, बेहद पतला और थोड़ी सी गंध वाला होता है। इस तरह का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ बिलकà¥à¤² नॉरà¥à¤®à¤² है और इसे लेकर किसी तरह की परेशानी वाली बात नहीं है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर के पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ का लेवल बढ़ जाता है जिससे मà¥à¤¯à¥‚कस मेमà¥à¤¬à¥à¤°à¥‡à¤¨ उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ हो जाते हैं और वजाइना से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है। कई बार तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान यह डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ बढ़ à¤à¥€ जाता है और पूरी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जारी रहता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाथ-पैर में सूजन आने के ये हैं 4 कारण, सूजन कम करने के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े à¤à¥€ जानें
जैसे-जैसे आपकी डिलिवरी डेट नजदीक आती जाती है शरीर में होने वाली ये सूजन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला का और बà¥à¤°à¤¾ हाल कर देती है। करीब 50 से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सूजन की दिकà¥à¤•त होती है और शाम के समय और गरà¥à¤® मौसम में इस सूजन में बढ़ोतरी होने लगती है। हालांकि पैरों में होने वाली थोड़ी बहà¥à¤¤ सूजन होना सामानà¥à¤¯ सी बात है और घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन हाथ और चेहरे पर होने वाली सूजन पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकती है। पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं।
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- पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े रहने से सूजन हो सकती है
- बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करने या शरीर के थक जाने पर à¤à¥€ सूजन नजर आती है
- बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैफीन का सेवन करने से à¤à¥€ सूजन दिखने लगती है
- खाने में नमक और सोडियम का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने और पोटैशियम का कम सेवन करने से à¤à¥€ सूजन नजर आने लगती है
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- शरीर में होने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² चेंजेस
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला के शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨, à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ और पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ जैसे कई हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° काफी बढ़ जाता है और इस वजह से à¤à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ (सूजन) होने लगती है।
- वजन बढ़ना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान इस 9 महीने के पीरियड में महिला का अचà¥à¤›à¤¾ खासा वजन बढ़ता है। बचà¥à¤šà¥‡ के बेहतर विकास के लिठवजन बढ़ना जरूरी à¤à¥€ है। इसके साथ-साथ शरीर में मौजूद à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ फà¥à¤²à¥‚इड पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिला के वजन का 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में वजन बढ़ने से à¤à¥€ पैरों में सूजन नजर आने लगती है।
- नसों पर बढ़ता दबाव
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ते आकार के कारण शरीर की नसों पर दबाव बनने लगता है, जिस वजह से बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। इस पà¥à¤°à¤•िया में खून के निचले अंगों से दिल तक पहà¥à¤‚चने में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, जिस कारण पैरों में सूजन शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
- हीमॉगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कई बार शरीर में कम पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कम हीमॉगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की वजह से à¤à¥€ सूजन नजर आने लगती है। कई मामलों में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान पैर सामानà¥â€à¤¯ नहीं हो पाते और उनमें लगातार सूजन बनी रहती है लेकिन डिलिवरी के बाद पैर सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाते हैं।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान à¤à¤• ही पोजिशन में बहà¥à¤¤ देर तक खड़ी या बैठी न रहें। पोजिशन चेंज करें, पैरों को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखें। अगर बहà¥à¤¤ देर से खड़ी हैं या चल रही हैं तो थोड़ा बà¥à¤°à¥‡à¤• लें और आराम करें। अगर देर तक बैठी हैं तो हर घंटे में 5-10 मिनट का बà¥à¤°à¥‡à¤• लें और पैरों में मूवमेंट लाà¤à¤‚। इससे à¤à¥€ सूजन कम हो जाà¤à¤—ी।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हाथ पैर में होने वाली सूजन को कम करने का सबसे आसान उपाय है नमक का सेवन कम करें। दरअसल, नमक शरीर में मौजूद à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ पानी को रोक कर रखता है। à¤à¤¸à¥‡ में जब शरीर में पहले से इतना सारा वॉटर रिटेंशन हो रखा है à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक खाने से वॉटर रिटेंशन और बढ़ेगा। लिहाजा खाने में ऊपर से अतिरिकà¥à¤¤ नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बिलकà¥à¤² न करें।
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शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बैलेंस करने में मदद करता है पोटैशियम। लिहाजा à¤à¤¸à¥€ चीजों का सेवन करें जिसमें पोटैशियम की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक हो। केला, आलू, पालक, बीनà¥à¤¸, दही, दालें और सालà¥à¤®à¤¨ फिश में पोटैशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। लिहाजा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में सूजन कम करने के लिठइन चीजों का सेवन करें।
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अगर आप चाय या कॉफी लवर हैं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आपको अपनी इस आदत में बदलाव करने की जरूरत है। दरअसल, सोडियम की ही तरह कैफीन à¤à¥€ शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को रोक कर रखता है जिससे वॉटर रिटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। इसलिठकैफीन इनटेक कम से कम करें।
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पैरों की मसाज करवाने से à¤à¥€ आपको सूजन में राहत मिल सकती है। मसाज करने से à¤à¤• जगह पर जो तरल पदारà¥à¤¥ जमा हो जाते हैं उनमें सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होता है जिससे सूजन कम करने में मदद मिलती है। आप चाहें तो पेपरमिंट या लैवेंडर के इसेंशल ऑइल से पैरों की मसाज कर रिलैकà¥à¤¸ फील कर सकती हैं।
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टाइट कपड़े, मोजे या जूत न पहनें। इससे शरीर में और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइटनेस वाली फीलिंग आती है तो शरीर की सूजन बढ़ सकती है। इसलिठजहां तक संà¤à¤µ हो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आरामदायक कपड़े, कंफरà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² शूज ही पहनें।
ये à¤à¥€ हैं वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के कारण
जब कोई महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हो जाती है तो उसके सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ में होने वाले बदलाव की वजह से वजाइना से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगता है। जैसे-जैसे डà¥à¤¯à¥‚ डेट नजदीक आती जाती है सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ और वजाइना की दीवारें सॉफà¥à¤Ÿ होने लगती हैं और महिला का शरीर और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ करने लगता है ताकि किसी à¤à¥€ तरह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचा जा सके। डिलिवरी और लेबर के नजदीक आने के साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ का सिर à¤à¥€ सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को दबाने लगता है और इस वजह से à¤à¥€ वजाइना से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होने लगता है।
इस तरह का डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ नहीं है नॉरà¥à¤®à¤²
अगर आपके वजाइना से होने वाले डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ का रंग सफेद की जगह पीला या हरे रंग का है, बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बदबूदार है और साथ में वजाइना में खà¥à¤œà¤²à¥€ और रेडनेस की à¤à¥€ दिकà¥à¤•त हो रही है तो ये सारे लकà¥à¤·à¤£ इस बात का संकेत हैं कि आपको वजाइनल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो गया है। कई केसेज में हद से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना या नॉरà¥à¤®à¤² डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ न होना सेकà¥à¤¶à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज का à¤à¥€ à¤à¤• संकेत हो सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाथ-पैर में सूजन आने के ये हैं 4 कारण, सूजन कम करने के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े à¤à¥€ जानें
जैसे-जैसे आपकी डिलिवरी डेट नजदीक आती जाती है शरीर में होने वाली ये सूजन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला का और बà¥à¤°à¤¾ हाल कर देती है। करीब 50 से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सूजन की दिकà¥à¤•त होती है और शाम के समय और गरà¥à¤® मौसम में इस सूजन में बढ़ोतरी होने लगती है। हालांकि पैरों में होने वाली थोड़ी बहà¥à¤¤ सूजन होना सामानà¥à¤¯ सी बात है और घबराने की जरूरत नहीं। लेकिन हाथ और चेहरे पर होने वाली सूजन पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकती है। पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं।
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- पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े रहने से सूजन हो सकती है
- बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ काम करने या शरीर के थक जाने पर à¤à¥€ सूजन नजर आती है
- बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैफीन का सेवन करने से à¤à¥€ सूजन दिखने लगती है
- खाने में नमक और सोडियम का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने और पोटैशियम का कम सेवन करने से à¤à¥€ सूजन नजर आने लगती है
- शरीर में होने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² चेंजेस
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला के शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨, à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨, à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ और पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ जैसे कई हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का सà¥à¤¤à¤° काफी बढ़ जाता है और इस वजह से à¤à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ (सूजन) होने लगती है।
- वजन बढ़ना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान इस 9 महीने के पीरियड में महिला का अचà¥à¤›à¤¾ खासा वजन बढ़ता है। बचà¥à¤šà¥‡ के बेहतर विकास के लिठवजन बढ़ना जरूरी à¤à¥€ है। इसके साथ-साथ शरीर में मौजूद à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ फà¥à¤²à¥‚इड पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में महिला के वजन का 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में वजन बढ़ने से à¤à¥€ पैरों में सूजन नजर आने लगती है।
- नसों पर बढ़ता दबाव
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ते आकार के कारण शरीर की नसों पर दबाव बनने लगता है, जिस वजह से बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। इस पà¥à¤°à¤•िया में खून के निचले अंगों से दिल तक पहà¥à¤‚चने में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, जिस कारण पैरों में सूजन शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
- हीमॉगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कई बार शरीर में कम पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कम हीमॉगà¥â€à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की वजह से à¤à¥€ सूजन नजर आने लगती है। कई मामलों में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान पैर सामानà¥â€à¤¯ नहीं हो पाते और उनमें लगातार सूजन बनी रहती है लेकिन डिलिवरी के बाद पैर सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाते हैं।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान à¤à¤• ही पोजिशन में बहà¥à¤¤ देर तक खड़ी या बैठी न रहें। पोजिशन चेंज करें, पैरों को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखें। अगर बहà¥à¤¤ देर से खड़ी हैं या चल रही हैं तो थोड़ा बà¥à¤°à¥‡à¤• लें और आराम करें। अगर देर तक बैठी हैं तो हर घंटे में 5-10 मिनट का बà¥à¤°à¥‡à¤• लें और पैरों में मूवमेंट लाà¤à¤‚। इससे à¤à¥€ सूजन कम हो जाà¤à¤—ी।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हाथ पैर में होने वाली सूजन को कम करने का सबसे आसान उपाय है नमक का सेवन कम करें। दरअसल, नमक शरीर में मौजूद à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ पानी को रोक कर रखता है। à¤à¤¸à¥‡ में जब शरीर में पहले से इतना सारा वॉटर रिटेंशन हो रखा है à¤à¤¸à¥‡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक खाने से वॉटर रिटेंशन और बढ़ेगा। लिहाजा खाने में ऊपर से अतिरिकà¥à¤¤ नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² बिलकà¥à¤² न करें।
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शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बैलेंस करने में मदद करता है पोटैशियम। लिहाजा à¤à¤¸à¥€ चीजों का सेवन करें जिसमें पोटैशियम की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक हो। केला, आलू, पालक, बीनà¥à¤¸, दही, दालें और सालà¥à¤®à¤¨ फिश में पोटैशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है। लिहाजा पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में सूजन कम करने के लिठइन चीजों का सेवन करें।
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अगर आप चाय या कॉफी लवर हैं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आपको अपनी इस आदत में बदलाव करने की जरूरत है। दरअसल, सोडियम की ही तरह कैफीन à¤à¥€ शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को रोक कर रखता है जिससे वॉटर रिटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ सकती है। इसलिठकैफीन इनटेक कम से कम करें।
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पैरों की मसाज करवाने से à¤à¥€ आपको सूजन में राहत मिल सकती है। मसाज करने से à¤à¤• जगह पर जो तरल पदारà¥à¤¥ जमा हो जाते हैं उनमें सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ होता है जिससे सूजन कम करने में मदद मिलती है। आप चाहें तो पेपरमिंट या लैवेंडर के इसेंशल ऑइल से पैरों की मसाज कर रिलैकà¥à¤¸ फील कर सकती हैं।
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कब करें डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤•?
जब à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ लगे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान आपका वजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ नॉरà¥à¤®à¤² नहीं है, ऊपर बताठगठलकà¥à¤·à¤£ अगर खà¥à¤¦ में नजर आने लगें तो तà¥à¤°à¤‚त अपनी गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ से संपरà¥à¤• करें। इस तरह के मामलों में सेलà¥à¤« मेडिकेशन खतरनाक हो सकता है। कई बार पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की दिकà¥à¤•त à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² हो सकती है, बावजूद इसके आपको इसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर बताना चाहिà¤à¥¤ साथ ही साथ अगर आपको बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग नजर आà¤, पेट में दरà¥à¤¦ या कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸ हों तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
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